Thursday, March 19, 2015

भारत की आजादी एक धोखा है



इलाहबाद मे पढते हुए उनके एक खास मित्र हुआ करते थे जिनका नाम है योगेश मिश्रा जी उनके पिता जी इलाहबाद हाईकोर्ट मे जज थे !!
राजीव भाई अपने मित्र से अक्सर देश की आजादी से जुडी रहस्यमयी बातों पर वार्तालाप किया करते थे !
तब राजीव भाई को देश की आजादी के विषय मे बहुत ही गंभीर जानकारी प्राप्त हुई ! कि 15 अगस्त 1947 को देश मे कोई आजादी नहीं आई !
बल्कि 14 अगस्त 1947 की रात को अंग्रेज माउंट बेटन और नेहरू के बीच के समझोता हुआ था जिसे सत्ता का हस्तांतरण (transfer of power agreement) कहते हैं !
इस समझोते के अनुसार अंग्रेज अपनी कुर्सी नेहरू को देकर जाएंगे लेकिन उनके द्वारा भारत को बर्बाद करने के लिए बनाए गये 34735 कानून वैसे ही इस देश मे चलेंगे !! और क्योकि आजादी की लडाई मे पूरे देश का विरोध अँग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ था तो सिर्फ एक ईस्ट इंडिया कंपनी भारत छोड कर जाएगी और उसके साथ जो 126 कंपनिया और भारत को लूटने आए थी वो वैसे की वैसे ही भारत मे व्यापार करेगी ! लूटती रहेगी ! आज उन विदेशी कंपनियो की संख्या बढ कर 6000 को पार कर गई है !!
राजीव भाई के मित्र ने एक किताब लिखी थी !
जिसका नाम है "भारत की आजादी एक धोखा है " ! उस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया गया है !
राजीव जी की मृत्यु के बाद योगेश जी ने सार्वजनिक जीवन त्याग कर सनातन ज्ञान पीठ की स्थापना की जिसमे संपूर्ण जीवन समर्पित कर ज्योतिष के माध्यम से सामाजिक कार्य कर रहे है आपके द्वारा किया
गया सहयोग गौ सेवा एवं ज्योतिषीय शोध के लिए प्रयोग होता है 

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