मित्रो आज 10 ग्राम सोने की कीमत 27000 रु है
हम 30 हजार मान के चलते है !
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10 ग्राम सोना 30 हजार का,
हम 30 हजार मान के चलते है !
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10 ग्राम सोना 30 हजार का,
100 ग्राम सोना 3 लाख का ,
और 1 किलो सोना 30 लाख का,
10 किलो सोना 3 करोड़ का,
100 किलो सोना 30 करोड़ का,
1000 किलो सोना 300 करोड़ का,
10,000 किलो सोना 3000 करोड़ का
1,00,000 (एक लाख ) किलो सोना 30000 करोड़ का
1,000,000( 10 लाख) किलो सोना 300000 (तीन लाख ) करोड़ का !
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तो मित्रो 10 लाख किलो सोने की कीमत होगी 300000 (तीन लाख ) करोड़ !
तो 20 लाख किलो सोने की कीमत 600000 (छ लाख ) करोड़ !
तो 40 लाख किलो सोने की कीमत होंगी 1200000( 12 लाख करोड़ )!
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अब आते है मूल विषय पर ! मोदी सरकार ने इस बार 18 लाख करोड़ का बजट बनाया है वैसे तो 17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 )
करोड़ का है लेकिन हम मोटा-मोटा 18 लाख करोड़ मान लेते है 18 लाख करोड़ मे से देश की जनता ने अपने खून पसीने की कमाई से
केंद्र की मोदी सरकार को 1141575 ( 11 लाख 41 हजार 575 ) करोड़ का ( लगभग 12 लाख करोड़ ) का tax दिया है !!
करोड़ का है लेकिन हम मोटा-मोटा 18 लाख करोड़ मान लेते है 18 लाख करोड़ मे से देश की जनता ने अपने खून पसीने की कमाई से
केंद्र की मोदी सरकार को 1141575 ( 11 लाख 41 हजार 575 ) करोड़ का ( लगभग 12 लाख करोड़ ) का tax दिया है !!
अर्थात मोदी सरकार 40 लाख किलो सोना खरीद सकती है इतना tax देश की जनता ने मोदी सरकार को इस बजट मे दिया !
फिर भी प्रधानमंत्री साहब कटोरा लेकर चीन ,जापान अमेरिका भाग रहे है विदेशी पूंजी के लालच मे ??
फिर भी प्रधानमंत्री साहब कटोरा लेकर चीन ,जापान अमेरिका भाग रहे है विदेशी पूंजी के लालच मे ??
tax थोड़ा विस्तार से जान लीजिये ! (आंखड़े करोड़ मे )
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निगम कर -( Corporation Tax )--------> 470628 करोड़
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निगम कर -( Corporation Tax )--------> 470628 करोड़
आय कर - ( Taxes on Income )-------> 327367 करोड़
सीमा शुल्क ( Customs )-------------> 208336 करोड़
केंद्रीय उत्पाद ( Union Excise Duties ) ----> 229808 करोड़
शुल्क
शुल्क
सेवा कर Service Tax) -----------------> 209774 करोड़
संघ राज्य क्षेत्रों के कर ( Taxes of union )-----> 3577 करोड़
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तो ये कुल सकल कर (Gross Tax Revenue 14,49,490 करोड़
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तो ये कुल सकल कर (Gross Tax Revenue 14,49,490 करोड़
फिर इसमे राष्ट्रीय आपदा (NCCD ) घटा दिया जाता है --> 5690 - करोड़
और फिर थोड़ा राज्यो का हिस्सा घटाया जाता है ----------> 523958 - करोड़
और फिर थोड़ा राज्यो का हिस्सा घटाया जाता है ----------> 523958 - करोड़
और अंत भिन्न कर जोड़ा जात है------------------------> + 221733 करोड़
और अंत कुल घटा कर और जोड़ कर सरकार के पास पहुंचा 11,41,575 करोड़ !
तो 18 लाख करोड़ मे से 1141575 ( 11 लाख 41 हजार 575 ) करोड़ तो सरकार ने राजस्व जनता से tax से जुटाया !
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इसके अतिरिक्त सरकार सरकारी उदमों को कुछ कर्ज देती है .उसकी वसूली करती है
और कुछ public sector जैसे coal india ,NHPC ,BHEL आदि मे हिस्सेदरी बेच कर धन कमाती है जो Non-debt Receipts मे आता है
तो वहाँ से आया है = 80,253 करोड़ !
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इसके अतिरिक्त सरकार सरकारी उदमों को कुछ कर्ज देती है .उसकी वसूली करती है
और कुछ public sector जैसे coal india ,NHPC ,BHEL आदि मे हिस्सेदरी बेच कर धन कमाती है जो Non-debt Receipts मे आता है
तो वहाँ से आया है = 80,253 करोड़ !
तो मित्रो tax का हो गया 1141575 ( 11 लाख 41 हजार 575 ) करोड़
और उसमे आप Non-debt Receipts जोड़ लीजिये 80,253 करोड़
और उसमे आप Non-debt Receipts जोड़ लीजिये 80,253 करोड़
तो कुल सरकार ने धन जुटाया 12,21,828 करोड़ !! जिसमे जनता ने tax दिया है
( 11 लाख 41 हजार 575 ) करोड़ !
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( 11 लाख 41 हजार 575 ) करोड़ !
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लेकिन क्या आप जानते है? सरकार ने 13,12,200 ( 13 लाख 12 हजार 200 ) करोड़
रूपये Non-Plan Expenditure ( आयोजना भिन्न व्यय ) पर खर्च कर दिया ?
रूपये Non-Plan Expenditure ( आयोजना भिन्न व्यय ) पर खर्च कर दिया ?
अर्थात आपका सारा tax का पैसा तो Non-Plan Expenditure
मे ही खर्च हो गया
मे ही खर्च हो गया
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ये Non-Plan Expenditure क्या होता है ???
Non-Plan Expenditure अर्थात व्यवस्था (system ) को चलाने का
खर्चा ?
खर्चा ?
कैसी व्यवस्था ?
पुलिस की व्यवस्था ,सेना की व्यवस्था कानून की व्यवस्था ,न्याय की व्यवस्था ,प्रशासन की व्यवस्था ,संसद की व्यवस्था , 543 MP की पगारे ,प्रधानमंत्री राष्ट्रपति ,उप राष्ट्रपतियों की पगारे,उनके महंगाई भत्ते ,सुरक्षा के खर्चे ,फोन के बिल ,हवाई जहाज के खर्चे ,अस्तपातालों के खर्चे , विदेशी यात्राओ के खर्चे , बिजली के बिल ,
(पिछले कर्जे के लिए व्याज पर खर्चा) , सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र बैंको मे काम करने वाले ,बीमा कंपनियो मे काम करने वाले ,डाक विभाग मे काम करने वाले ,आयकर विभाग मे काम करने उनकी मोटी-मोटी पगारे ,ऐसे अन्य public sector ! साल मे दो बार बढ़ता महंगाई भत्ता ,रिटायर्ड कर्मचरियों की पैनश्नों मे हर साल वृद्धि !!
(पिछले कर्जे के लिए व्याज पर खर्चा) , सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र बैंको मे काम करने वाले ,बीमा कंपनियो मे काम करने वाले ,डाक विभाग मे काम करने वाले ,आयकर विभाग मे काम करने उनकी मोटी-मोटी पगारे ,ऐसे अन्य public sector ! साल मे दो बार बढ़ता महंगाई भत्ता ,रिटायर्ड कर्मचरियों की पैनश्नों मे हर साल वृद्धि !!
और तो और सरकारी कर्मचारी तो 60 साल की आयु मे रिटायर्ड होता ! जबकि मंत्री एक बार चुनाव लड़े जीत जाए अगली बार लड़े हार जाए ,तो उसकी पेंशन लग जाती है सारी ज़िंदगी की ! चाहे कभी दुबारा चुनाव लड़े ना लड़े ! और सरकार के खजाने से मुंह मारते रहते है ये नेता !
तो मित्रो आप समझ लीजिये इस देश की दुर्दशा की आपके द्वारा सारा साल मे दिया गया direct tax और सुबह से शाम तक आप जो कुछ भी खरीदते उसके माध्यम से दिया गया indirect tax सरकार द्वारा जुटाया गया कुल राजस्व 12,21,828 ( 12 लाख 21 हजार 828 ) करोड़ है उससे भी 90372 करोड़ ज्यादा ( 13 लाख 12 हजार 200) ज्यादा सरकार ने तो Non-Plan Expenditure अर्थात व्यवस्था (system ) को चलाने मे खर्च कर डाला !
आपके लिए देश के विकास के लिए तो सरकार के पास फूटी-कोड़ी भी नहीं है ??
प्रभु श्री राम रामायण मे बोलकर गए है की व्यवस्था चलाने का खर्च कुल बजट का 5 %
से अधिक नहीं होना चाहिए ! और यहाँ राम राज्य के सबसे बड़े ठेकेदार हमारे नेता
कुल बजट का 75 से 80% व्यवस्था चलाने मे खर्च कर रहे है ! और कह रहे है हम राम राज्य
लाएँगे !
से अधिक नहीं होना चाहिए ! और यहाँ राम राज्य के सबसे बड़े ठेकेदार हमारे नेता
कुल बजट का 75 से 80% व्यवस्था चलाने मे खर्च कर रहे है ! और कह रहे है हम राम राज्य
लाएँगे !
तो मित्रो अब आपके मन मे ये सवाल आएगा की बजट मे जो इतनी सारी घोषनाए हुई है
जो मीडिया मे भी दिखाई गई है की 100 करोड़ यहाँ खर्च होंगे,200 करोड़ वहाँ खर्च होंगे
500 crore यहाँ होंगे ,900 करोड़ वहाँ खर्च होंगे तो ये सब क्या है ??
जो मीडिया मे भी दिखाई गई है की 100 करोड़ यहाँ खर्च होंगे,200 करोड़ वहाँ खर्च होंगे
500 crore यहाँ होंगे ,900 करोड़ वहाँ खर्च होंगे तो ये सब क्या है ??
तो इसके बारे मे भी आराम से जान लीजिये मित्रो ये क्या है ?
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जैसा की आप जानते है की कुल बजट है 18 लाख करोड़ का है !
वैसे तो 17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ का है
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जैसा की आप जानते है की कुल बजट है 18 लाख करोड़ का है !
वैसे तो 17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ का है
जिसमे से 1141575 ( 11 लाख 41 हजार 575 करोड़ तो सरकार ने जनता से tax से जुटाया ! इसके अतिरिक्त Non-debt Receipts से जो आया था = 80,253 करोड़
दोनों को जोड़ के तो कुल सरकार ने जो धन जुटाया वो
12,21,828 (12 लाख 21 हजार 828 ) करोड़ है !! जो लगभग सारा का सारा non plan expendture मे गया !
12,21,828 (12 लाख 21 हजार 828 ) करोड़ है !! जो लगभग सारा का सारा non plan expendture मे गया !
लेकिन बजट मे सरकार को जो खर्च करना है वो है
17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ !
17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ !
तो 17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ मे से
12,21,828 (12 लाख 21 हजार 828 ) करोड़ घटा दीजिये
12,21,828 (12 लाख 21 हजार 828 ) करोड़ घटा दीजिये
तो बाकी 555649 ( 5 लाख 55 हजार 649 ) करोड़ कहाँ से आया ??
तो ये मित्रो 555649 ( 5 लाख 55 हजार 649 ) करोड़ सरकार ने
नया कर्ज लिया है !!
नया कर्ज लिया है !!
जी हाँ पूरे 555649 ( 5 लाख 55 हजार 649 ) का नया कर्ज !
आपकी जानकारी के लिए कह दूँ पिछले बजट से पहले हमारा देश पर 56 लाख करोड़ के कर्जे मे डूबा हुआ था फिर पिछले बजट मे मोदी सरकार ने 531177 ( 5 लाख 31 हजार 177 ) करोड़ का नया कर्ज लिया और कुल कर्जा 62 लाख करोड़ को पार कर गया !
और इस बजट मे मोदी सरकार 531177 ( 5 लाख 31 हजार 177 ) करोड़ कर्ज और नया कर्ज लेगी जिससे कुल कर्जा 68 लाख करोड़ को पार कर जाएगा !!
और इस बजट मे मोदी सरकार 531177 ( 5 लाख 31 हजार 177 ) करोड़ कर्ज और नया कर्ज लेगी जिससे कुल कर्जा 68 लाख करोड़ को पार कर जाएगा !!
मुझे आशा है अब आपको सारी बात समझ मे आ गई होगी !
की बजट मे कुल खर्चा सरकार को करना है वो है !
की बजट मे कुल खर्चा सरकार को करना है वो है !
17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ !
सरकार ने जो कुल धन जुटाया था वो था 12,21,828 करोड़ उससे भी ज्यादा सरकार ने Non-Plan Expenditure अर्थात व्यवस्था (system ) को चलाने मे ही खर्च कर डाला !
विकास के लिए फूटी-कोडी नहीं बची तो उसके लिए 555649 ( 5 लाख 55 हजार 649 )करोड़ कर्ज ले लिया !
और ऐसे बन गया 17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ करोड़ का बजट !
अर्थात मोटा मोटा 18 लाख करोड़ का बजट !
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अर्थात मोटा मोटा 18 लाख करोड़ का बजट !
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और मित्रो अब जो मैं बात लिखने जा रहा हूँ शायद पढ़ते ही आपके
रोंगटे खड़े हो जाए और हो सकता है पहली बार मे आप विश्वास ही ना कर पाये !
रोंगटे खड़े हो जाए और हो सकता है पहली बार मे आप विश्वास ही ना कर पाये !
तो मित्रो जैसा की मैंने ऊपर बताया 17,77,477 (17 लाख 77 हजार 477 ) करोड़ के
खर्चो को पूरा करने के लिए सरकार ने 555649 ( 5 लाख 55 हजार 649 करोड़
नया कर्ज तो ले लिया लेकिन पुराना जो 60 लाख करोड़ का कर्ज है तो उसका व्याज भी तो भरना है ??
खर्चो को पूरा करने के लिए सरकार ने 555649 ( 5 लाख 55 हजार 649 करोड़
नया कर्ज तो ले लिया लेकिन पुराना जो 60 लाख करोड़ का कर्ज है तो उसका व्याज भी तो भरना है ??
तो मित्रो इस बार के बजट मे जो सबसे अधिक धन खर्च हुआ है
वो पिछले कर्जे का ब्याज भरने मे खर्च हुआ है ??
वो पिछले कर्जे का ब्याज भरने मे खर्च हुआ है ??
जैसे की आपने ऊपर पढ़ा की Non-Plan Expenditure मे पिछले कर्जे का ब्याज भी
आता है तो मित्रो इस बार सरकार ने आपके मेरे tax का 456145( 4 लाख 56 हजार 145 करोड़ ) तो पिछले कर्जे का ब्याज भरने मे खर्च कर दिया !!
आता है तो मित्रो इस बार सरकार ने आपके मेरे tax का 456145( 4 लाख 56 हजार 145 करोड़ ) तो पिछले कर्जे का ब्याज भरने मे खर्च कर दिया !!
सिर्फ ब्याज भरने मे 456145( 4 लाख 56 हजार 145 करोड़ )!
अर्थात मूलधन वही का वही खड़ा है और 456145( 4 लाख 56 हजार 145 करोड़ )
ब्याज मे चला गया !
अर्थात मूलधन वही का वही खड़ा है और 456145( 4 लाख 56 हजार 145 करोड़ )
ब्याज मे चला गया !
और 555649 ( 5 लाख 55 हजार 649 )करोड़ करोड़ का नया कर्ज ले लिया !!
देश किस विकास की और बढ़ रहा है आप खुद अनुमान लगाइए मित्रो !!
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456145( 4 लाख 56 हजार 145 करोड़ ) एक वर्ष का ब्याज भरना
आप इसका अर्थ समझते हैं मित्रो ??
आप इसका अर्थ समझते हैं मित्रो ??
456145 करोड़ को 12 से भाग (divide) करिये
तो जवाब आएगा 38012 करोड़ ( 38 हजार 12 करोड़ ) एक महीने का ब्याज !
एक महीने मे 30 दिन !
अब इस 38012 करोड़ ( 38 हजार 12 करोड़ ) 30 से भाग (divide) करिये !
तो आ जाएगा 1267 करोड़ ब्याज (एक दिन का ब्याज) !
अब इस 1267 करोड़ को 24 से से भाग (divide) कर दीजिये
तो आएगा 52 करोड़ (एक घंटे का ब्याज )!
एक घंटे मे 60 मिनट ! तो कर दीजिये 52 करोड़ को 60 से भाग (divide) !!
तो आ जाएगा 86,66,666 ( 86 लाख रूपये एक मिनट का ब्याज ) !
एक मिनट मे 60 सेकेंड ! तो कर दीजिये 86 लाख को 60 से फिर भाग (divide) !
तो आ जाएगा 143000 ( 1 लाख 43 हजार रूपये ) 1 सेकेंड का ब्याज !
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सोचिए मित्रो सोचिए !जो देश प्रति सेकेंड 1 लाख 43 हजार रूपये का पुराने कर्जे का ब्याज भर रहा है वो किस विकास की और बढ़ रहा है ??
गंभीरता से सोचिए ! क्यों बिना कुछ जाने आप सरकारो की अंधभक्ति करने मे लगे है !
क्योंकि आपके लिए देश पीछे छूट गया है ? और सरकारे और नेता आपके लिए बड़े हो गए हैं
क्यों कल तक जो चीज आपको विनाश दिखती थी आज आपको विकास दिख रही है ??
आप सब जानते है की आप मे से बहुत से लोगो को बजट का अर्थ तक नहीं मालूम
तो फिर क्यों मात्र मीडिया मे दिखाई योजनाओ को ही बजट समझते है ??
और क्यों सिर्फ उन योजनाओ की घोषणाओ का ही गुणगान करते जा रहे है ???
तो फिर क्यों मात्र मीडिया मे दिखाई योजनाओ को ही बजट समझते है ??
और क्यों सिर्फ उन योजनाओ की घोषणाओ का ही गुणगान करते जा रहे है ???
जबकि वास्तविकता मे कुछ भी नहीं बदला है !
